Manch Sanchalan, Shayari, Lyrics, Bhashan.

रविवार, 21 फ़रवरी 2021

Manch Sanchalan Kaise Kare | भाषण की शुरुआत कैसे करे माइक पे कैसे बोले | मंचसंचालन कैसे करे

 

Manch Sanchalan Kaise Kare

दोस्तों आज हम सीधे सीधे मुद्दे की बात करेंगे, इधर उधर की बातो में समय ख़राब नहीं करेंगे
तो चलिए आते है मुद्दे की बात पर, तो आज का टॉपिक है, की मंच संचालन करते समय या किसी भी कार्यक्रम में हम, माइक पर कैसे बोले.


कई लोगो को ये समस्या होती है की वो, आम जिंदगी में तो बहुत सी बाते करते है, घंटो तक बोलते रहते है, मगर लोगो की भीड़ में या मंच पे, जब बोलने की बारी आती है, तो उनकी बोलती बंद हो जाती है, ये समस्या दस में से आठ लोगो में पाई जाती है, उसी का समाधान हम इस विडियो में करेंगे.

    तो यहाँ पर बात ये आती है की हम बोल क्यों नहीं पाते, तो जब भी आप किसी से आम तौर पे बात करते है, तो दो लोगो के बिच बात होती है, या एक ग्रुप में जो आपके चिर परिचित लोगो का दोस्तों का होता है, वहा पर आप सहज होते है, क्योकि आप अपनो के बिच होते है, जान पहचान वालो के बिच होते है.

    मगर मंच पे या किसी कार्यक्रम में आप अजनबियों के बिच होते है, आप वहा पर किसी को जानते नहीं हो, और उनके स्वभाव से भी अनजान होते है, अपनों के बिच तो आप जानते हो की कसी को खुश करने की  लिए कौन सी बात करनी है, मगर यहाँ पर सिचुएशन बिलकुल अलग होती है.

    Selfconfidence

    और बस यही कारण है की आप यहाँ पर घबरा जाते हो, आपके अन्दर असुरक्षा की भावना आ जाती है, आप सोचते है की कही आप, मजाक का पात्र न बन जाए, इससे आप अपना selfconfidence यानि की आत्मविश्वाश खो देते हो, और आप बोल नहीं पाते हो.

    दूसरा कारण

    दूसरा कारण ये है की आप वहा पर केंद्र बिंदु होते हो, या यूं कहा जाए की आप फोकस पॉइंट होते हो, ऑडियंस का, सारे लोगो की नजरे सिर्फ और सिर्फ आप पर टिकी रहती है, इससे आप असहज महसूस करते हो, और बोलने में हिचकिचाहट होती है, लेकिन यही पर आपको अपने आत्मविश्वाश को जगा कर रणभेरी बजानी होती है.

    अगर आप ने यहाँ पर गलती कर दी तो आप गलतियाँ करते चले जाते हो, और फिर जैसे तैसे अपना भाषण ख़त्म करने की फिराक में लग जाते हो, और यही से शुरू होता है आपका डाउन फॉल, और फिर दूसरी बार कभी आप हिम्मत नहीं जूटा पाते हो मंच पे जाने की, आप मंच से भयभीत हो जाते हो.

    manch sanchalan anchoring

    कैसे हम माइक पर बोले

    तो अब बात करते है की इसका हल क्या है, कैसे हम माइक पर बोले, और बेहतरीन तरीके से बोले, तो जब भी आपका नाम पुकारा जाता है, और आप खड़े हो कर मंच की तरफ बढ़ते हो, तभी से सभी श्रोताओ की नजर आप पर गड जाती है, यही वो जगह है जहा पर ये साबित हो जाता है की, आप मंच पर ढंग से बोल पायेंगे या नहीं, अगर उठते समय आप दर गए , घबरा गए तो आप निश्चित तौर पे खराब भाषण को जन्म देंगे.

    इसलिए सबसे पहला कदम यही से शुरू करे, बहुत ही शालीन तरीके से उठे, बेहद ही आराम से मंच की और जाए, वैसे ही जैसे आप अपने कमरे में अकेले होने पर टहलते हो, बिलकुल आराम से, कोई हड़बड़ी न करे, इधर उधर न देखे, श्रोताओ से नजर फिलहाल न मिलाए, वर्ना आप इतनी ज्यादा भीड़ को देखकर घबरा सकते है.

    मंच पे जाए, माइक संभाले और पुरे आत्मविश्वाश के साथ, शुरू की तिन चार लाइन बोल दे, बिना ऑडियंस को देखे, क्योकि आपने चार लाइन बोल दी तो आप में थोडा बहुत आत्मविश्वाश मजबूत हो जाएगा और आप आगे का भाषण भी अच्छे तरीके से दे पाएंगे.

    शुरुआत करे

    शुरुआत करे की मंच पर उपस्थित सभी मुख्य अतिथियों और विराजित सभी आदरणीयो को प्रणाम करता हूँ, यहाँ पर आप एक दो लोगो का नाम लेना चाहे तो ले सकते है, और प्रथम पंक्ति में बैठे विशिष्ट गणमान्य विभूतियों और उपस्थित सभी सुधिजनो को सादर नमन करते हुए, आज के विषय पर चर्चा करेंगे.

    बस फिर आप अपने विषय के बारे में बात करे, मुझे पूरा विश्वाश है की आप तालियों की गडगडाहट से भाव विभोर हो जायेंगे, तो दोस्तों आने वाले किसी भी कार्यक्रम में अबकी बार जरुर बोले, और मुझे जरुर बताए की आपका सफ़र कैसा रहा, शुरुआत आप 26 जनवरी से ही कर दे, आगे और भी मौके आयेंगे, 15 अगुस्त, या स्कूल कॉलेज या किसी समारोह में आप अपनी उपस्थिति जरुर दर्ज करवाए.

    मंच संचालन क्या है


    दोस्तों मंच संचालन का मतलब है की मंच पे होने वाली गतिविधियों को सुव्यवस्थित ढंग से अंजाम देना, उन्हें सही तरीके से प्रस्तुत करवाना, इसी को मंच संचालन कहा जाता है.


    मंच संचालन कई प्रकार के होते है, जिनके बारे में हम निचे और अधिक जानेंगे, और हर जगह आपको एक नए तरीके से इसे निभाना होता है, तो इसमें कोई घबराने की बात नहीं है, ये बस वैसा ही है जैसे की आप अपने किसी नए दोस्त से मिल रहे हो, तो पहले पहले आप थोडा संकोच करते है, कुछ भी कहने में या बोलने में लेकिन, जैसे ही आप उससे घुलमिल जाते है तो आपके लिए हर बात कहना आसान हो जाता है.


    तो आप भी सामने बैठे श्रोताओं को अपना मित्र माने अपना दोस्त माने, तभी आप एक बेहतरीन ढंग से मंच को संचालित कर पाएंगे, स्टेज पे जो भी गतिविधि होती है, उसे इस तरह से हेंडल करे जैसे की ये आपके घर का या किसी मित्र का कोई घरेलु फंक्शन हो, तो आप के मन से डर भी निकल जाएगा और आप इसे अच्छी तरह से निभा भी लेंगे.


    किसी कार्यक्रम का संचालन कैसे करें


    आएये अब जानते है की किसी कार्यक्रम का मंच संचालन आप कैसे कर सकते है, इसके लिए आपको कुछ बातो का ध्यान रखना होगा, कुछ जानकारी लेनी होगी, उस प्रोग्राम के बारे में, तभी आप कुछ कर पाएंगे, सबसे पहले तो आप एक लिस्ट बना ले की, वो कार्यक्रम कहा होने वाला है, कितने बजे होने वाला है, गेस्ट कौन कौन आने वाले है, वहा पर कौन स्पीच देने वाला है, क्या कोई कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देगा, ये सब जानकारी आपको समय रहते निकालनी होगी.


    उसके बाद आपको उसकी तयारी करनी होगी, की आपको क्या बोलना है, कैसे बोलना है, कुछ शायरी या ऐसे डायलोग जो लोगो के दिलो पे असर छोड़ जाए, और वो आपको याद रखे की यार उसने तो ये वाली बात बहुत जबरदस्त बोली थी.


    बस फिर आपको नियत दिन पे जाना है, और अपना बेस्ट देने की कोशिश करनी है, कामयाबी आपके साथ जरुर देगी.


    मंच संचालन के नियम क्या है


    मंच के नियम क्या है आप को भी ये बात अक्सर परेशान करती होगी, की हमें नियमानुसार कैसे मंच को संचालित करना है, तो सबसे पहले तो जब भी आप स्टेज पर जाते है तो, आपको अपना परिचय देना है.


    परिचय देना मतलब ऐसा नहीं की जाते ही कह दे की भाई हेल्लो मेरा नाम ये है मैं ये करता हूँ वगैरह.... नहीं ऐसे नहीं मेरे भाई, जरा स्टाइल से, जैसे की मैं निचे आपको बता रहा हूँ.


    हेल्लो मेरे प्यारे प्यारे साथियो, आज आपके बिच आपका दोस्त आ गया है जो आपका साथ देगा इस कार्यक्रम के अंत तक, बस अब आपके साथ की बारी है


    मिले दिल से दिल तो, बात दिल की दिल तक पहुचती है

    नजरो से भी हाल ए दिल, ये नजर ही पहचानती है

    आपसे मिलना हुआ है हमारा, आज पहली बार मगर

    ये धडकन चुपके से कह गई की, ये तो आपको जानती है


    तो ये रिश्ता तो हमारा सदियों का है, बस रूप बदलता है, कही पे कोई और एंकर आपके सामने आ जाता है तो आज मैं आपका दोस्त  (जो भी नाम हो) आपका साथ देने आया हूँ तो चलिए इस कार्यक्रम के शानदार सफ़र को शुरू करते है, आपकी जोरदार तालियों के साथ.


    तो ऐसे करना है आपको धमाका, फिर और भी कुछ आप अपने हिसाब से इसमें ऐड कर सकते है, फिर आपका जो भी प्रोग्राम का प्रस्तुतीकरण हो उस तरह से आप करते जाए.


    देशभक्ति मंच संचालन


    देखिए जैसे की मैंने पहले ही कहा था की अलग अलग जगह पे अलग अलग तरीको से मंच का संचालन किया जाता है, और ऐसा करना भी जरुरी है, तो आज यहाँ पर आपको बताते है की देशभक्ति का कार्यक्रम हो तो कैसे करे आप एंकरिंग.


    यहाँ पर आप देशभक्ति के नारे लगवा सकते है, देशभक्ति की शायरी बोल सकते है, साथ ही हमारे देशभक्तों के बारे में उनके सम्मान में बोल सकते है, अगर कभी ऐसा मौका हो की आपको अचानक बोलने के लिए  कहा जाए तो आप देशभक्तों की जीवनी या उनके कार्यो के बारे में बात कर सकते है.


    मंच का संचालन करते हुए आप देश के युवाओं से कह सकते है की हमें क्या करना है, कौन से वो गुण या बाते है जो हमें हमारे शहीदों से सीखना चाहिए, क्या हम ऐसा कुछ कर सकते है की जिसके चलते हमें आगे कुछ प्रॉब्लम न हो, हमारे देश पर कोई आंच न आए, या हमें आपस में कैसे मिलजुल कर रहन चाहिए, आज के कार्यक्रम में हम इकठ्ठा हुए है तो क्यों, क्या वजह है, ऐसी अनेको बातें आप कर सकते है.


    15 अगस्त पर एंकरिंग कैसे करें


    दोस्तों 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर एंकरिंग या मंच संचालन करना चाहते है, तो बहुत ही आसान है, बस आप स्टेज पे जाए और अपने देश के बारे में, संविधान के बारे में, या देशभक्तों के बारे में बोल सकते है.


    जैसे की आपके लिए आसानी हो इसलिए मैं आपके लिए एक छोटा सा भाषण तैयार कर के लाया हूँ जो आप ज्यो का त्यों बोल सकते है, या इसमें कोई और बात शामिल करना चाहे तो कर सकते है.


    माँ भारती के चरणों में वंदन करता हूँ देश के शहीदों को नमन करता हूँ, ये मेरा सौभाग्य है की उन महान लोगो के बारे में कुछ कहने का अवसर मुझे प्राप्त हुआ, बैठे हुए गणमान्य अथितियो एवं सभी उपस्थित मित्रो को प्रणाम करता हूँ,


    दिलो में जोश और जज्बा भर दे, आज मैं वो ख्वाब लाया हूँ

    उठ रहे है तुम्हारे दिलो में सवाल, उनका मैं जवाब लाया हूँ

    मेरे मन के कोने कोने में भरी है, जो देशभक्ति की ज्वाला

    आज सामने तुम्हारे फिर से मैं, एक नया इन्कलाब लाया हूँ


    ये वक्त जागने का है सोने से क्या होगा, जागते हुए भी जो सो रहे है, उन्हें जगाना है, और हमें फिर से अपने भारत को सोने की चिड़िया बनाना है, देश के लिए जियो देश के लिए मर मिटो, देश की ये भूमि ये धरती ये धरा ये वतन हमारा है, तो हमें ही इसे संभालना है, किसी और के भरोसे मत रहना.


    जो झूल गए फंदों पर आओ उनको याद करे, ज्यादा नहीं तो हम अपना एक कदम ही कामयाब करे,

    तो भी इस धरती का कुछ कर्ज तो हम चूका पाएंगे, और ऊपर से नहीं फिर दिल से नारा लगा पाएंगे


    वन्दे मातरम, कहने से क्या होगा, जब तक दिल से आवाज न निकले, आओ हा सब मिलकर एक नया भारत बनाते है, आने वाली पीढ़ी के लिए हम कुछ सपने सजाते है.


    हर साल इसी दिन हम जमा होते है, बाद में हम फिर कहाँ होते है, भूल जाते है बस दो दिनों में ये समां, फिर अगले साल होता है हमको ये फिर से गुमां,


    सदा के लिए हम इस दिन को इस दिन की वजह को, अपने दिल में बसा लेते है, तुम और हम एक होकर के, हिंदुस्तान बना लेते है, आज ये सब कहने का वक्त है इसलिए कह रहा हूँ, मैं भी बरसो से अपने दिल में एक सपना संजो रहा हूँ.


    चलो आज एक वादा करे, एक इरादा करे, सबका साथ देंगे, सबके साथ रहेंगे, देश सबसे पहले होगा बाकी सब बाद में, तो हमें भारत का भविष्य उज्ज्वल दिखाई देगा, आओ आज जाने से पहले हम भारत माँ को नमन करेंगे, भारत के वीर सपूतो को नमन करेंगे, और एक नई उम्मीद नई किरण के साथ आप सबसे विदा लेता हूँ.


    जय हिन्द, भारत माता की जय.


    FAQ

    Q.1. भाषण देने को इंग्लिश में क्या कहते हैं?

    देखिए भाषण देना मतलब speech देना और भाषण को इंग्लिश में speech कहते है, तो आप कही पर भाषण दे रहे हो तो इसका मतलब है की आप स्पीच दे रहे हो.

    Q.2. भाषण कैसे दिया जाता है?

    जैसा की मैंने आपको ऊपर बताया है की भाषण देने के अलग अलग तरीके होते है, और ये इस बात पर निर्भर करता है की आप कहाँ पर भाषण दे रहे हो, इसका कोई ऐसा नियम नहीं है की आप को ऐसा ही करना है, लेकिन हाँ आप पहले भूमिका बांधे फिर अपनी बात कहे.

    Q.3. स्टेज पर बोलना कैसे सीखे?

    स्टेज पर बोलना सिखने के लिए आपको आईने के सामने प्रक्टिस करनी होगी, और कोशिश करे की आप अपने अंदाज में बोले, किसी और की नकल करने की कोशिश न करे.

    Q.4.भाषण देने वाला कौन होता है?

    भाषण देने वाला या बोलने वाले को वक्ता कहा जाता है, जो मंच पर से या किसी भी जगह से सभा को संबोधित करता है.

    Q.5. मंच पर बोलने की कला कैसे सीखे?

    मंच पर बोलने की कला सिखने के लिए आपको दुसरो को समझना होगा, की पहले बड़े बड़े मंच संचालक है वो कैसे बोलते है, कितना बोलते है, ज्यादा बोलना भी अच्चा नहीं है और कम बोलना भी, बात सटीक और सीधी होनी चाहिए जो सुनने वाले को समझ में आए.

    Q.6.भाषण के पहले क्या बोलना चाहिए?

    भाषण के पहले आप एक भूमिका तैयार करे की आप क्या बोलने वाले है, और जो आप बोलने वाले है वो उन लोगो के लिए कितना महत्त्वपूर्ण है, ये श्रोताओ को बताना होगा, तभी वो आपकी बात ध्यान से सुनेंगे.

    Q.7. बोलने का सही तरीका क्या है?

    सही तरीका क्या है इस बारे में बस ये कहना ही उचित होगा की, जो बात आप बोले वो लोगो को समझ में आ जाए, वो तरीका सबसे सही है, अब ये इस बात पर निर्भर करता है की आपके श्रोता कैसे है, उन्हें किस ढंग में आप बोलेंगे तो पसंद आएगा, बस उनकी पसंद के हिसाब से ही बात करे.

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